वर्तमान में जीने का महत्व: क्यों ‘अभी’ में जीना सबसे ज़रूरी है?
हमारा शरीर हमेशा वर्तमान क्षण में ही मौजूद होता है, लेकिन मन प्रायः या तो बीते हुए कल में उलझा […]
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अधिकांशतः जब हम जीवन में असफलता, दुख या संघर्ष का सामना करते हैं, तो हम तुरंत कह देते हैं—“यह तो
कर्म और भाग्य का जीवन में स्थान। Read More »
जीवन में बहुत-से लोग बाहरी रूप से सुव्यवस्थित दिखाई देते हैं, पर भीतर एक गहरी असंतुलन की स्थिति से गुजर
मन, बुद्धि और आत्मा का संतुलन। Read More »
हम आज पहले से कहीं अधिक जानते हैं। जानकारी, किताबें, अनुभव, सलाह—सब कुछ हमारे पास है, फिर भी जीवन में
जीवन में विवेक का महत्व। Read More »
मनुष्य अपने जीवन का अधिकांश समय शरीर की आवश्यकताओं, सुविधाओं और सुरक्षा में ही लगा देता है। धीरे-धीरे वह अपनी
आत्मा और शरीर का संबंध। Read More »
आज का मनुष्य बाहर से जितना सक्रिय और व्यस्त दिखाई देता है, भीतर से उतना ही बिखरा हुआ महसूस करता
जीवन में संतुलन कैसे बनाएं? Read More »