ज्योतिष शास्त्र

भावत भावम सिद्धांत – भाग 4 : एक वास्तविक कुंडली पर शोधात्मक प्रयोग का पहला भाग।

भूमिका – जब सिद्धांत जीवन में उतरता है। ज्योतिष में कुछ सिद्धांत ऐसे होते हैं जिन्हें केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं ...
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भावत भावम सिद्धांत – भाग 3 : मोक्ष, आध्यात्मिकता और जीवन का अंतिम निष्कर्ष।

भूमिका – यह यात्रा अब आत्मा की ओर बढ़ रही है। Bhavat Bhavam Theory यदि आप सीधे इस लेख से ...
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भावत भावम सिद्धांत – भाग 2 : रिश्तों, कर्म और आध्यात्मिक संकेतों की गहराई।

भूमिका – यह भावत भावम सिद्धांत का दूसरा भाग है। यदि आप सीधे इस लेख से शुरुआत कर रहे हैं, ...
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भावत भावम सिद्धांत – भाग 1 : सिद्धांत की नींव और मूल गणना।

भूमिका: जब भाव से भाव देखने की आवश्यकता पड़ती है! ज्योतिष केवल ग्रहों और भावों की एक यांत्रिक गणना नहीं ...
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चौघड़िया क्या है? चौघड़िया देखने का महत्व, प्रकार, गणना और उपयोग।

चौघड़िया देखना क्यों आवश्यक है? हिन्दू संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले शुभ मुहूर्त का ...
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मीन लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Meen Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को भावुक, दयालु और संवेदनशील ...
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कुंभ लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Kumbh Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को प्रखर बुद्धि के साथ-साथ ...
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मकर लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Makar Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को अत्यंत गंभीर, परिश्रमी और ...
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धनु लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Dhanu Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को अत्यंत आशावादी, उत्साही और ...
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वृश्चिक लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Vrishchik Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को क्रोधी, दृढ़ निश्चयी, आत्मविश्वासी, ...
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